Pratiman Volume 12 Available Free Online

Pratiman, Volume 12, July-December 2018 (Click to Read)

अनुक्रम (Click to Read Article)

सम्पादकीय

हाशियों के भीतर छिपे हुए हाशिये और वि-उपनिवेशीकरण की उलझनें

दृष्टि /भाग-2

'राजनीति' की अवधारणा और वैचारिक स्वराज / आदित्य निगम

पाठक-संवाद

सेकुलर/साक्वप्रदायिक : कुछ और अवलोकन/ रमाशंकर सिंह

विट्गेन्स्टाइन : एक अनूठा लेख, एक नया आईना / आलोक टंडन 

सामयिकी

उत्तर और मध्य भारत में द्विज-हिंदुत्व गोलबंदी के मायने / उॢमलेश    

मराठा आंदोलन : आरक्षण या कायदे का रोज़गार ? /  नीरज जैन 

परिप्रेक्ष्य

भारतीय मानस का वि-औपनिवेशीकरण / अक्विबकादत्त शर्मा 

घर, सफाई और महिला : बरास्ते विज्ञापन / तूलिका

महिषासुर विमर्श पर बहस : प्रति-उत्तर ज्ञात के ज़रिये अज्ञात को समझने की तीसरी दृष्टि/ संजय जोठे 

आईना

पण्डितों का संसार : संसार में पण्डित / राधावल्लभ त्रिपाठी 

बीच बहस में

आदिवासी भारत : परिकल्पना, राजनीति, मुद्दे और चिंताएँ /  नंदिनी सुंदर, सव्यसाची, नरेंद्र बस्तर और अभय खाखा संयोजन और प्रतिलेखन / कमल नयन चौबे

समीक्षा-लेख 

सलवा जुडूम : राज्य, माओवाद और हिंसा की अंतहीन दास्तान / कमल नयन चौबे   

समीक्षा-संवाद

हाशियायी समाज और आदिवासी प्रश्न / कुँवर प्रांजल सिंह

सैद्धांतिक बहस और फील्ड की आवाज़ें / सागर तिवारी

समीक्षा

शिक्षा और उपनिवेशवाद : मैकॉले और ऐलफ़िसटन की भूमिका / सतेंद्र कुमार

न्यूज़ चैनल : तमाशा और एजेण्डा सेटिंग / अटल तिवारी

राजद्रोह कानून : देशभक्ति से देशद्रोह तक / सनी कुमार

संधान

"हिंदी" का इतिहास : हाशिये का एक स्वर / ऐश्वर्ज कुमार       

हिंदी : विमर्श की भाषा बनाने की चुनौतियाँ / मुकुल प्रियदृशनी         

रहबर से अपनी राह जुदा : संतराम, जाति और लिंग / चारु गुप्ता     

हाशिये के भीतर हाशिया : उपेक्षा और बहिष्करण/ संजू सरोज        

लोकतंत्र का परिसर और घुमंतू समुदाय / रमाशंकर सिंह  

स्मृति-शेष

समीर अमीन : असमानताओं से मुठभेड़ / नरेश गोस्वामी               

मुशीरुल हसन : भारतीय मुसलमानों को समझने के संदर्भ-बिंदु / हिलाल अहमद

रपट

राजनीतिशास्त्र के आईने में राग दरबारी  के पचास साल / पंकज कुमार झा और कस्तूरी दत्ता          

रचनाकार परिचय और संपर्क

प्रतिमान  के लिए संदर्भ-साँचा