Hindu-Ekta Banaam Gyan Ki Rajniti: Book Discussion

अभय कुमार दुबे की किताब हिंदू-एकता बनाम ज्ञान की राजनीति पर एक परिचर्चा (वाणी और सीएसडीएस का प्रकाशन)

पिछले कुछ वर्षों से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारात्मक राजनीति हाशिये से निकल कर सार्वजनिक जीवन पर हावी होती जा रही है। दूसरी तरफ़, आज़ादी के बाद से ही उसकी आलोचना करने वाला वामपंथी, सेकुलर और उदारतावादी विमर्श केंद्र से हाशिये की तरफ़ खिसकता जा रहा है। इस परिवर्तन का कारण क्या है? यह पुस्तक विमर्श के धरातल पर इस यक्ष प्रश्न का उत्तर देने का प्रयास करती है। विमर्श-नवीसी (डिस्कोर्स मैपिंग) की शैली में लिखी गई इस रचना का मक़सद हिंदू-एकता की परियोजना और संघ परिवार के विकास-क्रम का ब्योरा देते हुए बहुसंख्यकवाद विरोधी विमर्श के भीतर चलने वाली ज्ञान की राजनीति को सामने लाना है। इसी के साथ यह पुस्तक इस विमर्श के उस हिस्से को मंचस्थ और मुखर भी करना चाहती है जिसे ज्ञान की इस राजनीति के दबाव में पिछले चालीस साल से कमोबेश पृष्ठभूमि में रखा गया है।

वक्ता:

सतीश देशपांडे, समाजशास्त्री, दिल्ली स्कूल ऑफ़ इकॉनॉमिक्स

रवीश कुमार, मैगसेसे पुरस्कार विजेता और एनडीटीवी के प्रबंध सम्पादक

राकेश सिन्हा, राज्य सभा सदस्य और संघ विचारक

सोपान जोशी, गाँधीवादी चिंतक और लेखक

अपर्णा वैदिक, इतिहासकार, अशोका युनिवर्सिटी

1 फ़रवरी, 2020, शाम 6:00 बजे
मल्टीपरपज़ हॉल, इंडिया इंटरनैशनल सेंटर, नई दिल्ली