Hindi Filmon Ke Gumnaam Sangitkar: Lecture by Pankaj Rag

भारतीय भाषा कार्यक्रम, सीएसडीएस द्वारा आयोजित 

प्रतिमान-व्याख्यान शृंखला में आपका स्वागत है 

गर याद रहे : हिन्दी फ़िल्मों के गुमनाम संगीतकार

वक्ता : पंकज राग

अध्यक्षता : रविकान्त

9 अक्टूबर 2021, शाम चार बजे

गोष्ठी Seminar Room/Zoom पर होगी। 

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विषय-सार : हिंदी फ़िल्म जगत में अनेकों संगीतकार आए लेकिन उनमें से कई संगीतकार कुछेक फ़िल्मों के बाद ही परिदृश्य से ओझल हो गए। इसके पीछे फ़िल्म जगत की अपनी विडम्बनाएँ तो थीं ही, साथ ही फ़िल्मों की व्यावसायिक संरचना के कारक भी थे, नेटवर्किंग की कुशलता का अभाव भी था, और स्थापित संगीतकारों के मोनोपोली के कई अवयव और कई पहलू भी थे जो नए संगीतकारों को आगे बढ़ने में प्रत्यक्ष या परोक्ष रुप से रोकते थे। साथ ही, सामाजिक-आर्थिक परिवर्तनों के साथ संगीत शैलियों और मुहावरों में भी सतत परिवर्तन होता रहा है, और कई ऐसे संगीतकार जो इन परिवर्तनों के साथ अपनी शैलियों को नहीं बदल पाए, वे भी हाशिए पर चले गए। यहाँ कुछ ऐसे संगीतकारों द्वारा स्वरबद्ध गीतों का प्रस्तुतिकरण करेंगे, जो उत्कृष्ट संगीत के बावजूद बहुत जल्दी भुला दिए गए और गुमनाम-से ही रहे, लेकिन उनकी धुनों को भूल पाना बेहद मुश्किल है।

पंकज राग सांस्कृतिक इतिहासकार, कवि और एफ़टीआयआय के पूर्व निदेशक हैं। 

रविकान्त विकासशील समाज अध्ययन पीठ में एसोसिएट प्रोफ़ेसर हैं।