पुस्तक चर्चा
एक देश बारह दुनिया
लेखक : शिरीष खरे
में आपका स्वागत है
वक्ता : शुभनीत कौशिक, रणेन्द्र
अध्यक्षता : अभय कुमार दुबे
रविवार, 6 मार्च, 2022, 5 pm IST
एक ऐसे दौर में जब मुख्यधारा के मीडिया में अदृश्य पर वाक़ई संकटग्रस्त क्षेत्रों की ज़मीनी सचाई वाले रिपोर्ताज लगभग ग़ायब हो गए हैं, तब यह पुस्तक गाँवों की त्रासदी, उम्मीद और उथल-पुथल की परत-दर-परत पड़ताल करती है। यह देहात के मौजूदा और भावी संकटों को समझने का ज़रूरी दस्तावेज़ है, जिसमें एक ऐसे हिन्दुस्तान को पेश किया गया है जो बिल्कुल अलग देशकाल का प्रतीत होता है।
शिरीष खरे की पत्रकारिता ग्रामीण, वंचित और हाशिए के भारत पर केंद्रित है। इनकी किताब उम्मीद की पाठशाला मुख्यत: सरकारी स्कूलों की सच्ची कहानियों पर आधारित है।
अभय कुमार दुबे आंबेडकर विश्वविद्यालय दिल्ली में प्रोफ़ेसर है।
शुभनीत कौशिक बलिया के सतीश चन्द्र कॉलेज में इतिहास के शिक्षक हैं। इतिहास, भाषा और राष्ट्र पुस्तक हाल ही में प्रकाशित।
रणेन्द्र ग्लोबल गाँव के देवता और गायब होता देश जैसे उपन्यासों के लेखक रणेन्द्र ने वैश्वीकरण व विकास के दौर में आदिवासी समुदायों के भीतर हो रहे सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक परिवर्तनों की बारीकी से पड़ताल की है।