Pratiman, Volume 10, July-December 2017 (Click to Read)
अनुक्रम (Click to Read Article)
सम्पादकीय : प्रतिमान के पाँच साल : आलोचनात्मक मूल्यांकन की कसौटियाँ
दृष्टि
अक्टूबर क्रांति की याद : डास कापिताल के ख़िलाफ़ इंकलाब / आदित्य निगम
गाँधी के मुसलमान / हिलाल अहमद
सामयिकी
अर्थव्यवस्था का ‘संकट’ और राजनीति की उलझन / कमल नयन चौबे
समान नागरिक संहिता : सवाल और सम्भावनाएँ / नरेश गोस्वामी
प्रतिमान-मूल्यांकन : पाँच साल पूरे
आपके मार्गदर्शक कौन हैं? / संजय जोठे
वैश्विक, भारतीय, प्रामाणिक और संवादप्रिय / अक्षय मुकुल
व्यवस्था-निरपेक्ष चिंतन बनाम मगध की मौलिकता / सुधा चौधरी
ज्ञानार्जन के विषम प्रश्न / हरीश त्रिवेदी; भाषा-शैली पर कुछ बातें / संत समीर
परिप्रेक्ष्य
सूर्यास्त से पहले थोड़ी सी आग : मलयालम की दलित कविता / बजरंग बिहारी तिवारी
स्मृति-शेष
दत्तात्रेय नारायण धनगरे : समाजशास्त्र के साथ एक ज़मीनी जिरह / नरेश गोस्वामी
आईना
फिर से पुराण : कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष / राधावल्लभ त्रिपाठी
बहस / महिषासुर विमर्श
मिथकीय आख्यान और इतिहासबोध / अम्बिकादत्त शर्मा और विश्वनाथ मिश्र
समीक्षा-लेख : कैपिटल इन द ट्वेंटी फ़र्स्ट सेंचुरी
पिकेटी, मार्क्स और पूँजी : संदर्भ और समालोचना / प्रसन्न कुमार चौधरी
समीक्षा-संवाद / सुधीश पचौरी की रचना
रीतिकाल :सेक्सुअलिटी का समारोह पर एकाग्र
देखत चाहौ मोहिं जो, मम कविता लिख लेहु / वेंकटेश कुमार
प्रश्न तो यह है कि शृंगार का अवमूल्यन क्यों हुआ? / डॉ. राजकुमार
समीक्षा
हीगेल का भारत : कुछ प्रतिक्रियाएँ / नंदकिशोर आचार्य
सेक्शुअलिटी और नारीवाद : कामना के चरित्र का भारतीय पक्ष / अनामिका
पुराने प्रेमचंद के ज़रिये नया पाठ : हिंदी की साहित्यिक संस्कृति और आधुनिकता / चंदन श्रीवास्तव
स्त्री-गढ़ंत की जटिलताएँ : नारीवाद की तरफ़ से कुछ पूरक प्रस्ताव / कंचन शर्मा
अरे यायावर, रहूँगा याद! / कुमार प्रशांत
विशेष लेख
हिंदू-राष्ट्रवाद की अहिंसा-भीति : सावरकर और हिंसा की पक्षधरता / ज्योतिर्मय शर्मा
अनुवाद : नरेश गोस्वामी
संधान
कष्ट-निवारक ठक्कर बापा : समाज-सेवा को समर्पित जीवन पर एक विहंगम दृष्टि / सागर तिवारी
भारतीय राष्ट्रवाद बनाम गिरमिट प्रथा : सौ वर्ष पूरे होने पर एक पड़ताल / आशुतोष कुमार
खाद्य-सम्प्रभुता और नारीवाद : एक नये क्षितिज की तलाश / देवारती रॉय चौधरी
पुस्तक अंश
राष्ट्रवाद का अयोध्या कांड : ‘आख़िरी हमला’ /आशिस नंदी, शिखा त्रिवेदी, शैल मायाराम और अच्युत याग्निक
Volume 10, July-December 2017 (Click to Read)